प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 17 मई 2026 को स्वीडन के गोथेनबर्ग में आयोजित यूरोपीय उद्योग गोलमेज़ (European Round Table for Industry - ERT) को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में स्वीडन के प्रधानमंत्री, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, यूरोप की बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम की मेज़बानी Volvo Group ने की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में भरोसेमंद साझेदारियां बेहद महत्वपूर्ण हैं और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
🇮🇳🇪🇺 भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) वार्ताओं की प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, तकनीक, विनिर्माण और सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) जैसी परियोजनाएं भारत और यूरोप के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी को नई मजबूती देंगी।
📈 भारत बना निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों में शामिल है। उन्होंने भारत की तेज आर्थिक प्रगति, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार सुगमता सुधार और तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को रेखांकित किया।
उन्होंने “Design in India, Make in India, Export from India” विजन को दोहराते हुए यूरोपीय कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण दिया।
⚡ ग्रीन एनर्जी, AI और सेमीकंडक्टर पर सहयोग का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोप को मिलकर मजबूत और विविध सप्लाई चेन तैयार करनी चाहिए। उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को निम्न क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी के लिए आमंत्रित किया:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
- ग्रीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन
- टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
- हेल्थकेयर और लाइफ साइंस
- शहरी विकास और स्मार्ट मोबिलिटी
उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़े निवेश करने जा रहा है।
👨🎓 युवा प्रतिभा और स्किल पार्टनरशिप पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के युवा और कुशल कार्यबल को दुनिया की आर्थिक वृद्धि की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी में भारत-यूरोप सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने सुझाव दिया कि भारत-यूरोप CEO राउंड टेबल को हर साल आयोजित किया जाए और ERT में एक “India Desk” बनाया जाए ताकि दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक सहयोग और मजबूत हो सके।
📢 निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत और यूरोप के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का बड़ा संकेत माना जा रहा है। AI, ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक निवेशकों के लिए तेजी से एक भरोसेमंद साझेदार बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत-यूरोप साझेदारी वैश्विक व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
